Tag: jitendra ki kalam se

बेजुबान दर्द

जितेन्द्र की कलम से… धन दौलत की चाह नहीं थी किंतु भूख अकुलाई थी, क्षुधा मिटाने की खातिर अपने बच्चे संग आई थी उसे आस थी मानुष पर जो भोजन…