• Sariska Tiger Reserve

     Sariska Tiger Reserve साल 2017 में मुझे अपने परिवार के साथ जाने का मौका मिला था. Sariska Tiger Reserve शहर के कोलाहल और भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर अरावली की पहाड़ियों के बीच में घास के मैदानों, शुष्क पर्णपाती जंगलों, चट्टानों के बीच बसा हुआ एक दुर्लभ वन्य जीव अभ्यारण्य है. यह एक शांत और अद्भुत जगह है जहाँ आप अपने आपको प्रकृति से जोड़ सकते हैं. वन्य जीवों, अरावली की पहाड़ियों, चट्टानों, घास के मैदानों के बीच Sariska Tiger Reserve एक अलग ही दुनिया का एहसास कराती है आपको और प्रकृति में खो जाने को बाध्य कर देती है. नीचे ढोक के वृक्ष और ऊपर गहरा नीला आसमान, एक अलग एहसास, अलग अनुभूति साथ में वन्य जीवों के बीच रहने का रोमांच एक सुखद अनुभव कराता है.

     सर्कस में जंगली पशुओं को पिंजरे के अंदर बंद ही देखा था अभी तक लेकिन पहली बार ऐसा था की हम गाड़ी में रहेंगे मतलब एक प्रकार से बंधे हुए रहेंगे और वन्य जीव खुले में घूम रहे होंगे। सच में एक अद्भुत नजारा होने वाला था. किसी टाइगर रिज़र्व में जाने का ये मेरा पहला अनुभव था इससे पहले कभी किसी अभयारण्य में जाने का अवसर नहीं मिला था. तरहतरह के पशुपक्षियों को देखने का उत्साह अपने चरम पर था.

Sariska tiger reserve

     Sariska Tiger Reserve में अगर आपका गाइड उत्साही, जानकर और मनोरंजक हो तो ये आपके जंगल सफारी के ट्रिप में चार चाँद लगा देता है और आपको एक अविस्मरणीय अनुभूति देके जाता है. हम इस मामले में भाग्यशाली थे की हमको बहुत ही मनोरंजक और जानकर गाइड मिले थे. आत्मरक्षा के लिए उनके पास बन्दूक थी. हमने एक अलग जिप्सी ली थी, क्योंकि हम पांच लोग थे और असली मजा तो सब के साथ ही आता है. हमारे परिवार के सदस्यों में कुछ लोग उत्साहित थे, रोमांच से भरे हुए थे तो कुछ लोग बाघों की उपस्थिति होने से डर भी रहे थे. लेकिन वन्य जीवों को पास से देखना सबको था और हर एक क्षण को अपने कैमरे के कैद करना चाहते थे. सफारी पर जाने के पहले हमको काफी सारे निर्देश दिए गए थे जो हमको पूरे जंगल सफारी के दौरान अनुगमन करने थे.

     Sariska Tiger Reserve के अंदर आप अपनी गाड़ी नहीं ले जा सकते हैं. आपको वहां पर उपलब्ध जिप्सी या कैंटर से ही भ्रमण करना पड़ेगा।

     Sariska Tiger Reserve महज़ एक सफारी नहीं है बल्कि आपको यहाँ विभिन्न प्रकार के देशीविदेशी पक्षी और अलगअलग प्रकार के पशु देखने को मिल जायेंगे। Sariska Tiger Reserve राजस्थान का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है और tiger reserve के लिए जाना जाता है.

क्षेत्र और अभयारण्य के बारे में

Sariska Tiger Reserve

     यह 340 वर्ग मील में फैला हुआ है और इसमें जंगल, घास के मैदान और पहाड़ियां शामिल हैं. 1955 में इसको वन्यजीव अभ्यारण्य घोषित किया गया. और 1978 में प्रोजेक्ट टाइगर में अंतर्गत इसको बाघ अभयारण्य घोषित किया गया. और 1990 में वन्यजीव अभ्यारण्य को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया. स्थानांतरित किये गए बाघों के साथ ये दुनिया का पहला रिज़र्व है.

.     यहाँ की अरावली रेंज तांबे जैसे खनिज संसाधनों से भरपूर है. खनन पर प्रतिबन्ध लगने के बावजूद ये यहाँ के पर्यावरण के लिए खतरा बना हुआ है. उष्णकटिबंधीय, शुष्क, पर्णपाती और उष्णकटिबंधीय कटीले प्रकार के जंगल है यहाँ पर.

     Sariska Tiger Reserve में ढोक प्रमुख वृक्ष है, और सालार, कड़ाया , ढाक, गोल , बेर और खैर, बरगद , अर्जुन , गुग्गल के वृक्ष भी बहुतायत है यहाँ पर.

   

सरिस्का के जंगलों में 90% ढोक के पेड़ हैं

Sariska Tiger Reserve 90% ढोक के पेड़ों से ढका हुआ है, जिसमे वन्य जीवों को रखा गया है. यहाँ पर सिलिसर झील में मगरमच्छ भी पाएं जाते है. गढ़राजोर के मध्यकालीन मंदिरों के खंडहर जो 10 वीं और 11 वीं शताब्दी के हैं, अभी भी Sariska Tiger Reserve में हैं. सरिस्का के करीब भानगढ़ किला, अजायबगढ़ और प्रतापगढ़ भी देखने लायक हैं।

वन्यजीव

बंगाल टाइगर के अलावा, रिजर्व में भारतीय तेंदुए, जंगली बिल्ली, कैराकल, धारीदार लकड़बग्घा, गोल्डन सियार, चीतल, सांभर हिरण, नीलगाय, जंगली सुअर, छोटी भारतीय समुद्री मछली, जावन गेंदा, सुर्ख आम, शहद बेजर, सहित कई वन्यजीव प्रजातियां शामिल हैं। रीसस मकाक और उत्तरी मैदान ग्रे लंगूर और भारतीय हरे रंग के हैं। जैसा की मैंने ऊपर लिखा है की सरिस्का पक्षियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण और दुर्लभ स्थान है जिसमें कुछ दुर्लभ पंख वाली प्रजातियाँ हैं जैसे कि ग्रे पार्ट्रिज, व्हाइटथ्रोटेड किंगफिशर, भारतीय मोर, झाड़ी बटेर, सैंडग्रास, ट्रीपी, गोल्डनसमर्थित कठफोड़वा, क्रेस्टेड सर्प ईगल उल्लू भी विचरण करते हुए देखे जा सकते हैं.

अवैध शिकार के कारण बाघों की कमी

     2003 में, 16 बाघ रिजर्व में रहते थे। 2004 में, रिजर्व में कोई बाघ नहीं देखा गया, और ना ही बाघों की मौजूदगी के कोई सबूत पाए गए जैसे कि पैरों के निशान, पेड़ों पर खरोंच के निशान आदि. राजस्थान वन विभाग ने बताया कि बाघों को अस्थायी रूप से रिजर्व के बाहर स्थानांतरित कर दिया गया था और मानसून के मौसम के बाद वापस आ जायेंगे। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रोजेक्ट टाइगर ने इस धारणा का समर्थन किया था. जनवरी 2005 तक ये तय हो गया की अब यहाँ कोई बाघ नहीं बचा है. राजस्थान वन विभाग और प्रोजेक्ट टाइगर के निदेशक ने सरिस्का में आपातकालीन बाघ जनगणनाकी घोषणा की। भारत की खुफिया एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक जांच की। दो महीने की जांच के बाद, एजेंसी ने आखिरकार घोषित किया कि रिजर्व में कोई बाघ नहीं बचा था। बाघों के लापता होने के लिए अवैध शिकार को जिम्मेदार ठहराया गया था।

रणथम्भौर से बाघों का स्थानांतरण

     जुलाई 2008 में, रणथंभौर नेशनल पार्क के दो बाघों को सरिस्का टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित कर दिया गया था। एक अन्य मादा बाघ को फरवरी 2009 में स्थानांतरित कर दिया गया था। 2012 में दो शावकों के साथ कुल बाघों की संख्या 7 थी, 2011 में कुल 11 बाघ हो गए थे Sariska Tiger Reserve में. और अभी कुल 20 बाघ हैं यहाँ पर. 28 नवंबर 2008 को हेलीकॉप्टर द्वारा रणथंभौर से सरिस्का में नर बाघ लाया गया था.

जंगल सफारी का समय

     दिन में दो बार सफारी का समय होता है, सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और दोपहर में 2 बजे से शाम को 6 बजे तक.

जाने का उचित समय और रुकने का स्थान

     सितम्बर से लेकर अप्रैल तक यहाँ जाने का सबसे अच्छा समय है. सरिस्का में रुकने के लिए आप वहां के होटल या रिसोर्ट में रुक सकते हैं और ज्यादा किफायती चाहिए तो अलवर सबसे अच्छी जगह है रुकने के लिए जो की दिल्ली और जयपुर से अच्छी तरह से सड़क और रेल मार्ग से जुड़ा हुआ भी है.

कैसे जाएँ

     Sariska Tiger Reserve दिल्ली से 200 किलोमीटर और जयपुर से 107 किलोमीटर दूर है. सबसे पास का रेलवे स्टेशन अलवर है. सबसे पास का एयरपोर्ट जयपुर है. आप दिल्ली से या जयपुर से बस द्वारा जा सकते हैं. ट्रैन से सीधा आप अलवर आ सकते हैं वहां से प्राइवेट टैक्सी से भी जा सकते हैं.जयपुर से दिल्ली से भी टैक्सी से जाया जा सकता है.

I hope you enjoyed this article. Thanks…

By Anurag

4 thought on “Sariska Tiger Reserve”
  1. Very nice..beautiful..jab bat tiger ki ho to utsaah aur romanch dono hota h…thank u anurag sir for sharing your beautiful and amazing experience with us..

  2. बहुत ही रोमांचक यात्रा रही होगी आपकी, हमेशा से मेरी इच्छा है पर कभी ऐसा मौका नहीं मिला बहुत ही बेहतरीन जानकारी दी है अगर मौका मिला अभी तो हम अवश्य से जाएंगे खुली आंखों से प्रकृति का अद्भुत दर्शन करना अविस्मरणीय होता है आप अनुभव को प्राप्त कर चुके हैं अधिक जानकारी देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

  3. बहुत ही शानदार..😊😊
    मेरा जाना रह गया है।अब तो जाने की ईच्छा तीव्र हो गई है 🙂🙂

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