Killing of Pregnant Elephant in Kerala

मानवता को झकझोर देने वाली घटना- “नरेंद्र यादव की कलम से…

केरल मे एक गर्भवती हाथिन को वहॉ के किसी हैवान व्यक्ति ने अनन्नास मे विस्फोटक पदार्थ रखकर खिला दिया जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गयी
जब से यह खबर देखा है मन बहुत व्यथित है आह! जब उसके मुंह मे वह विस्फोटक फटा होगा तो उसके सारे शरीर मे एक आग सी फैल गयी होगी तभी तो वह उस जलन को मिटाने के लिए वहा से भागकर किसी नंदी मे घंटो खडी रही कितना असहनीय रहा होगा कहा जाता है कि “बड़े भाग मानुष तनु पावा…”लेकिन आज प्रतीत हो रहा है कि हम मनुष्यों से सहस्त्रों गुणा अच्छे ये बेजुबान जानवर हैं, असीम संवेदना लिए ये हथिनी कैसे बिना किसी को क्षति पहुंचाए वहां से चली गई।
कितना दर्दनाक मंजर है अगर आपके अंदर इंसानियत है तो जरा एक बार सोचकर देखो मन के ऑखो मे सब धुँधला सा छा जाएगा उस मासूम जानवर ने आखिर किसी समाज का क्या बिगाड़ा था किसी कि सम्पति की हिस्सेदार थी या किसी व्यक्ति या समाज से प्रतिस्पर्धा थी जो उसको इस जानवर से हार जाने का डर था. कितना दुख हुआ होगा। उस प्रभु श्री राम और श्री कृष्ण को जिनकी लीलाए हम देखते और कहते नही थकते!
जहॉ सेवा ही धर्म है कर्म ही पूजा है
क्या इसी दिन के लिए ईश्वर ने समस्त बाह्मण्ड मे हम सबको सबसे अद्वितीय, अद्दभुत बनाया था जो समस्त भूमण्डल पर मानव ही नही अपितु पशु ,पक्षी ,जीव ,जन्तु सबका सुख दुख को देख -सुनकर महसूस कर सकता है उसके दुख का सहायक बन सके उसका सारथी बन सके परन्तु यहॉ पर तो विचित्र ही माया है पीडा देने वाला ही मानव है एक बेजुबान जानवर पर कितना दुख हुआ होगा उसके शरीर में, उसकी आत्मा कितनी दुःखित हुयी होगी। इस वेदना को वह किसी से कह भी नही सकती है उसके पेट मे उसका अजन्मा बच्चा जो दुनिया मे पैर नही रखा उसको किस गुनाह की सजा मिली है सोचकर देखो कलेजा फट जाएगा
धिक्कार है मानव जाति पर हम सबसे तो अच्छे पशु पक्षी जीव जन्तु है जो अकारण किसी का अहित नही सोचते हैं मानव जाति कितनी निर्दयी हो गयी ये अपराध करते वक्त एक बार भी उसके मन में ख्याल नही आया बेजुबान जानवर पर इतना घनघोर अत्याचार कर रहा है तू कोई भी हो इस अपराध के लिए क्षमा के लायक नही है ईश्वर इसके अक्षम्य अपराध की सजा इसको जरूर मिलनी चाहिए!
हे ईश्वर उस जानवर की आत्मा को शांति प्रदान करें!

3 thoughts on “Killing of Pregnant Elephant in Kerala”

  1. अगर इतने पर भी इन्सान की आँखें न खुलीं – – तो इन्सान का और इन्सानियत का राम ही मालिक – -R I P

  2. Jitendra Kumar Srivastava

    बहुत ही दर्दनाक घटना है ये लोग मनुष्य कहलाने के योग्य नही हैं 94% साक्षरता दर वाले प्रदेश में अगर ऐसी हृदय विदारक घटना हो जाएगी तो बेहतर है कि हम लोग 94% से नीचे हैं ऐसे लोगों को पढ़ा लिखा शिक्षित कहा जाएगा तो उससे अच्छा तो हम असाक्षर ही थेसही कम से कम इंसान और जानवर सभी के दुख दर्द समझते तो हैं ऐसे लोगों को सरेआम चौराहे पर खड़ा करके गोली मार देनी चाहिए

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