“माँ” कैसी होती है…

preksha

“माँ” शब्द वो एहसास है की आप जब भी किसी तकलीफ में हो इस शब्द के एहसास मात्र से ही काफी राहत महसूस होती है.
“माँ” बिना किसी शर्त के प्यार करती है. “माँ” की तरह ख्याल सिर्फ और सिर्फ “माँ” ही रख सकती हैं, कोई और करे तो बस वो ख्याल ही होता है.
“माँ” संवेदना हैं, भावना है, झुलसते दिनों में शीतलता का एहसास है.
“माँ” आशा है, अभिलाषा है और अपनेपन की परिभाषा है.
हालातों के आगे जब जुबाँ खामोश हो जाती है तो खामोशियों से पहचान लेती हैं “माँ”
ऐसी होती है “माँ”…… ऐसी होती है “माँ”

Happy Mother’s Day-2020

-Preksha Srivastava

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